इलाहाबाद हाईकोर्ट से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान को बड़ी राहत: दो पैन कार्ड मामले में मिली जमानत

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आज़म खान को एक बड़े मामले में राहत प्रदान करते हुए जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति समित गोपाल की पीठ ने रामपुर जिला अदालत के उस फैसले के खिलाफ दायर पुनरीक्षण याचिका (Revision Petition) पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया, जिसमें उन्हें दो पैन कार्ड रखने से जुड़े मामले में दोषी ठहराया गया था। मामले की पृष्ठभूमि: रामपुर की निचली अदालत ने आज़म खान को दो पैन कार्ड बनवाने और उनके इस्तेमाल के आरोपों से जुड़े आपराधिक मामले में दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा सुनाई थी। इस फैसले को चुनौती देते हुए आज़म खान के अधिवक्ताओं ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। उच्च न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आज़म खान को जमानत तो मंजूर कर ली है, हालांकि अदालत ने उनकी सजा पर रोक (Stay) लगाने से फिलहाल इनकार कर दिया है। कानूनी और राजनीतिक मायने: इस न्यायिक फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी और उनके समर्थकों ने न्यायालय के इस निर्णय को न्याय की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया है, वहीं कानूनी जानकारों का मानना है कि सजा पर रोक न लगने के कारण उनकी कानूनी लड़ाइयाँ अभी आगे भी जारी रहेंगी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई और अन्य औपचारिकताएं तय समय के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।