राहुल गांधी को सुल्तानपुर अदालत से मिली बड़ी राहत, 2018 के मानहानि मामले में कोर्ट ने किया बरी

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद राहुल गांधी को सोमवार को उत्तर प्रदेश की सुल्तानपुर एमपी/एमएलए कोर्ट से एक बड़े मामले में बड़ी राहत मिली है। अदालत ने वर्ष 2018 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित रूप से की गई टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में राहुल गांधी को साक्ष्यों के अभाव में आरोपों से मुक्त करते हुए बरी कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं हैं।

यह पूरा कानूनी विवाद मई 2018 का है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान 8 मई 2018 को बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी। इस दौरान राहुल गांधी ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ कुछ विवादित टिप्पणियां की थीं।

इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सुल्तानपुर के स्थानीय भाजपा नेता और जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष विजय मिश्रा ने उसी वर्ष अगस्त 2018 में सुल्तानपुर की स्थानीय अदालत में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 499 और 500 के तहत मानहानि का मुकदमा दायर कराया था।

लंबी चली कानूनी प्रक्रिया

इस मामले में लंबी कानूनी कार्यवाही और सुनवाई का दौर चला। कोर्ट द्वारा समन जारी किए जाने के बाद, पिछले साल 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को अदालत में तलब किया गया था। इसके बाद, 20 फरवरी 2024 को राहुल गांधी ने सुल्तानपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था, जहां से उन्हें नियमित जमानत मिल गई थी।

मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के गवाहों के बयान दर्ज किए गए और वकीलों ने अपनी दलीलें रखीं। हाल ही में इस मामले पर अंतिम बहस पूरी हुई थी, जिसके बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।

अदालत का फैसला और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

सोमवार को सुल्तानपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट ने दोनों पक्षों के तर्कों और पत्रावलियों पर उपलब्ध साक्ष्यों का बारीकी से अध्ययन करने के बाद राहुल गांधी को इस मामले में बरी करने का आदेश सुनाया।

न्यायालय के इस फैसले के बाद कांग्रेस खेमे में राहत और खुशी की लहर देखी गई है। पार्टी नेताओं ने न्यायपालिका के फैसले का स्वागत करते हुए इसे ‘सत्य की जीत’ करार दिया है। वहीं, दूसरी ओर इस फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों में विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।