देहरादून अग्निशमन विभाग की नई पहल — दीपावली के लिए विशेष अभियान
अग्निशमन एवं आपात सेवा,
जनपद देहरादून,बाज़ारों के सबसे व्यस्त समय में दिन में तीन बार गश्त कर रहे फायर टेंडर, लोगों को सिखाया जा रहा अग्निशमन यंत्र चलाना 
देहरादून। रोशनी के पर्व दीपावली को सुरक्षित बनाने के लिए मुख्य अग्निशमन अधिकारी श्री अभिनव त्यागी के नेतृत्व में देहरादून अग्निशमन विभाग ने जनपद भर में विशेष अग्नि सुरक्षा अभियान शुरू किया है। अभियान के अंतर्गत विभाग के फायर टेंडर प्रतिदिन तीन बार, बाज़ारों के सबसे व्यस्त समय में, मुख्य बाज़ारों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में गश्त कर रहे हैं, ताकि अधिकतम लोगों तक अग्नि सुरक्षा का संदेश पहुँच सके।
त्योहारी सीज़न में बाज़ारों में भारी भीड़, पटाखों की दुकानें और सजावटी लाइटों के कारण आग का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में किसी भी घटना पर तुरंत कार्रवाई के लिए ज़रूरी है कि दमकल वाहन बिना रुकावट घटनास्थल तक पहुँच सकें। इसी उद्देश्य से गश्त के दौरान व्यापारियों और नागरिकों को समझाया जा रहा है कि वे सड़कों और गलियों में सामान, ठेले या वाहन खड़े कर पहुँच मार्ग बाधित न करें तथा आपात स्थिति में फायर टेंडर को तुरंत रास्ता दें।
अभियान के साथ-साथ बाज़ार क्षेत्रों में दुकानदारों, कर्मचारियों और आमजन को अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguisher) चलाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि आग लगने पर शुरुआती कुछ मिनटों में ही उस पर काबू पाया जा सके। साथ ही पटाखा विक्रय स्थलों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया जा रहा है।
यह अभियान जनपद के सभी सात फायर स्टेशनों — देहरादून, ऋषिकेश, डोईवाला, मसूरी, विकासनगर, सेलाकुई एवं त्यूणी — द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में एक साथ चलाया जा रहा है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी श्री अभिनव त्यागी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य लोगों में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता लाना और आपात स्थिति में प्रतिक्रिया समय को कम करना है। उन्होंने जनता से अपील की कि:
पटाखों की दुकानें केवल जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही लगाई जाएँ।
पटाखे खुले स्थान पर जलाएँ और पास में पानी या रेत रखें।
पटाखा दुकानों के पास धूम्रपान या आग का प्रयोग न करें।
बिजली की सजावट में ओवरलोडिंग से बचें।
वाहन ऐसे खड़े करें कि दमकल का रास्ता न रुके।
दुकानों में अग्निशमन यंत्र अवश्य रखें।
आग की किसी भी घटना की सूचना तुरंत 101 या 112 पर दें।
