उत्तराखंड के कृषि क्षेत्र को मिलेगी नई रफ्तार, जापान के 500 करोड़ रुपये के निवेश से संवरेंगे राज्य के 16 ब्लॉक
पर्वतीय क्षेत्रों से लगातार हो रहे पलायन को रोकने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने एक बेहद महत्वाकांक्षी और दूरगामी योजना पर काम शुरू कर दिया है। जापानी एजेंसी (JICA) और विदेशी निवेश के सहयोग से लगभग 500 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से राज्य के 16 चुनिंदा ब्लॉकों में कृषि और बागवानी का कायाकल्प किया जाएगा।
योजना के मुख्य उद्देश्य: सरकार की इस वृहद परियोजना का मुख्य केंद्रबिंदु पहाड़ी इलाकों में आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रसार करना, किसानों की आय को दोगुना करना और क्लस्टर-बेस्ड फार्मिंग (समूह आधारित खेती) को बढ़ावा देना है। इसके तहत पर्वतीय क्षेत्रों में सिंचाई की आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा, कोल्ड स्टोरेज और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित की जाएंगी ताकि किसानों को उनकी उपज का सही और उचित दाम मिल सके।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना उत्तराखंड के ग्रामीण परिदृश्य को बदलने में मील का पत्थर साबित होगी। योजना के तहत युवाओं को आधुनिक कृषि, मशरूम उत्पादन, एरोमैटिक प्लांट्स (सुगंधित पौधे) और फ्लोरीकल्चर से जोड़ने के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे राज्य के भीतर ही रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना उत्तराखंड के ग्रामीण परिदृश्य को बदलने में मील का पत्थर साबित होगी। योजना के तहत युवाओं को आधुनिक कृषि, मशरूम उत्पादन, एरोमैटिक प्लांट्स (सुगंधित पौधे) और फ्लोरीकल्चर से जोड़ने के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे राज्य के भीतर ही रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें।
