बदरीनाथ धाम में बर्फबारी से बदला मौसम, बर्फ की सफेद चादर में लिपटी चोटियां; बढ़ी कड़ाके की ठंड

चारधाम में मौसम के बदलते मिजाज के बीच बदरीनाथ में गिरी बर्फ, ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान लुढ़का; मौसम विभाग ने पर्वतीय जिलों के लिए जारी किया पूर्वानुमान चमोली। उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम ने करवट लेना शुरू कर दिया है। विश्वप्रसिद्ध तीर्थस्थल बदरीनाथ धाम में बर्फबारी होने से पूरा क्षेत्र सफेद चादर में लिपट गया है। धाम की चोटियों और आसपास के पहाड़ों पर बर्फ की परत जमने से यहां का नजारा बेहद खूबसूरत हो गया है। हालांकि, बर्फबारी के साथ ही तापमान में गिरावट आने से ठंड का असर भी तेज हो गया है। बदरीनाथ धाम में मौसम बदलने के बाद सर्द हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड का असर अधिक महसूस किया जा रहा है। बर्फबारी के बाद पहाड़ों की खूबसूरती और निखर गई है। धाम और आसपास के क्षेत्र में सफेद बर्फ की चादर पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है।

पांच जिलों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का अनुमान

मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 2 नवंबर को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई थी। वहीं, 3400 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का अनुमान भी जारी किया गया था। इसके बाद 3 से 7 नवंबर तक प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान है। रविवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहा।

सर्दी की दस्तक के साथ बढ़ेगी पहाड़ों में ठिठुरन

बदरीनाथ धाम में हुई बर्फबारी ने पहाड़ों में सर्दियों के बढ़ते प्रभाव का एहसास करा दिया है। आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहने के बावजूद ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड का असर बना रह सकता है। ऐसे में पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को गर्म कपड़ों के साथ मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी जाती है।