G20 विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत का कड़ा रुख: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री बाधाओं की आलोचना की

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के मोर्चे पर भारत ने एक बार फिर स्पष्ट और मुखर संदेश दिया है। G20 देशों के विदेश मंत्रियों की उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में आ रही बाधाओं, प्रतिबंधों और प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों पर पैदा की जा रही रुकावटों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया।

प्रमुख बिंदु एवं कूटनीतिक संदेश:

विदेश मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सामरिक और सामयिक गणनाओं के तहत ऊर्जा ठिकानों पर जानबूझकर किए जा रहे हमले या प्रमुख समुद्री रास्तों (जैसे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और अन्य अहम गलियारों) को बाधित करना कोई संयोग नहीं है, बल्कि यह कीमतों को नियंत्रित करने की सोची-समझी रणनीतिक चाल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं की सुरक्षा और स्थिरता पूरी दुनिया के आर्थिक विकास के लिए अनिवार्य है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि ऊर्जा व्यापार को भू-राजनीतिक संघर्षों का हथियार बनाने से रोका जाना चाहिए, ताकि विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था पर इसका प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।