57 से 47 सीटों तक पहुंची भाजपा, अब तीसरी बार सत्ता में वापसी के लिए 65 से अधिक सीटों का लक्ष्य; देहरादून से कार्यकर्ताओं को घर-घर पहुंचने का संदेश
देहरादून। उत्तराखंड में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित उत्तराखंड राज्योत्सव समारोह से भाजपा के चुनावी अभियान का स्पष्ट संदेश दे दिया। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के सामने 65 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य रखते हुए लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का आह्वान किया।
शाह ने कहा कि इस बार भाजपा को न 47 सीटों पर रुकना है और न ही 57 सीटों पर। पार्टी को 70 सदस्यीय विधानसभा में 65 से अधिक सीटें जीतकर नया रिकॉर्ड बनाना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर जनता से संपर्क करने और सरकार की उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने की अपील की।
गौरतलब है कि भाजपा ने वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में 70 में से 57 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया था। इसके बाद 2022 के चुनाव में पार्टी 47 सीटों के साथ दोबारा सत्ता में लौटी। अब 2027 में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लिए भाजपा ने अपने पिछले प्रदर्शन से भी बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। India News – The Indian Express+1
कांग्रेस पर भ्रष्टाचार और विकास रोकने के आरोप
अपने संबोधन में अमित शाह ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए उसके शासनकाल को भ्रष्टाचार और विकास में बाधा का दौर बताया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए स्टिंग प्रकरणों, छात्रवृत्ति घोटाले और खाद्य घोटाले जैसे मुद्दे उठाए।
शाह ने कांग्रेस से सवाल किया कि उसके शासनकाल में ऐसा कौन-सा बड़ा काम हुआ, जिसे आज भी उत्तराखंड की जनता याद करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के दौरान सचिवालय तक कमीशनखोरी का केंद्र बन गया था। इसके विपरीत उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को सुशासन और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ने वाली सरकार बताया।
उन्होंने कहा कि भाजपा की पिछली सरकारों में शुरू हुए विकास कार्यों को धामी सरकार आगे बढ़ा रही है। भगत सिंह कोश्यारी, रमेश पोखरियाल निशंक और त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुख्यमंत्रित्व काल का उल्लेख करते हुए उन्होंने राज्य में भाजपा सरकारों के योगदान को रेखांकित किया।
पलायन से रिवर्स पलायन तक का दावा
अमित शाह ने उत्तराखंड के पलायन के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में पहाड़ का पानी और जवानी दोनों का समुचित उपयोग नहीं हो पाया। उनके अनुसार, पहले उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था काफी हद तक मनीऑर्डर पर निर्भर थी, लेकिन अब विकास योजनाओं और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों के विस्तार से परिस्थितियां बदल रही हैं।
शाह ने दावा किया कि प्रदेश के 51 गांवों में रिवर्स पलायन हुआ है। उन्होंने इसे राज्य में बदलती आर्थिक परिस्थितियों और विकास की दिशा का संकेत बताया।
राज्य आंदोलन और रामपुर तिराहा कांड का किया जिक्र
उत्तराखंड राज्य गठन के संघर्ष को याद करते हुए अमित शाह ने समाजवादी पार्टी की तत्कालीन सरकार पर राज्य आंदोलनकारियों के साथ बर्बरता का आरोप लगाया। उन्होंने रामपुर तिराहा कांड का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड के लोगों ने लंबे संघर्ष और आंदोलनों के बाद अलग राज्य हासिल किया।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 9 नवंबर 2000 को उत्तराखंड राज्य का गठन कर यहां की जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा किया। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब उत्तराखंड विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।
राहुल गांधी और कांग्रेस की राजनीति पर भी निशाना
अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियों और राहुल गांधी की उत्तराखंड यात्राओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इससे प्रदेश में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति बदलने वाली नहीं है।
उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अपने बूथ और क्षेत्र में सक्रिय रहें। जनता के बीच जाकर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं तथा उपलब्धियों की जानकारी दें। उनका संदेश साफ था कि 2027 का चुनाव केवल सरकार की उपलब्धियों के भरोसे नहीं, बल्कि संगठन की जमीनी सक्रियता के दम पर भी लड़ा जाएगा।
1475 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
राज्योत्सव समारोह के दौरान अमित शाह ने उत्तराखंड के लिए करीब 1,475 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। राज्य सरकार के सूचना विभाग के अनुसार, इस अवसर पर 62 परियोजनाओं से जुड़ी घोषणाएं की गईं। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को उत्तराखंड गौरव सम्मान प्रदान किए गए। लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी और अभिनेता हेमंत पांडे को लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान से भी नवाजा गया। भारत+1
65 पार का लक्ष्य, भाजपा के सामने बड़ी चुनौती
अमित शाह का 65 पार का नारा भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए उत्साहवर्धक हो सकता है, लेकिन राजनीतिक दृष्टि से यह एक बड़ी चुनौती भी है। 2022 में 47 सीटें जीतने वाली भाजपा को अगले चुनाव में अपने प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार करना होगा।
उत्तराखंड की राजनीति में बेरोजगारी, पलायन, महंगाई, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं, ग्रामीण विकास और स्वास्थ्य सुविधाओं जैसे मुद्दे भी चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में भाजपा के सामने केवल कांग्रेस को घेरने की चुनौती नहीं होगी, बल्कि सरकार के कामकाज के आधार पर जनता का विश्वास दोबारा हासिल करने की जिम्मेदारी भी होगी।
अमित शाह के देहरादून दौरे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी राजनीतिक तैयारी तेज कर दी है। अब देखना होगा कि 65 पार का यह लक्ष्य चुनावी नतीजों में कितना साकार हो पाता है।