उत्तराखंड के जोशीमठ में बड़ा विमानन हादसा: बदरीनाथ धाम से लौट रहा हेलीकॉप्टर खराब मौसम के चलते दुर्घटनाग्रस्त, 6 लोगों की मौत
जोशीमठ / देहरादून:
उत्तराखंड के चमोली जिले के उच्च पर्वतीय क्षेत्र जोशीमठ से एक दुखद और सनसनीखेज खबर सामने आई है। बदरीनाथ धाम से श्रद्धालुओं को लेकर ऋषिकेश की ओर रवाना हुआ एक निजी कंपनी का ट्रांसपोर्ट हेलीकॉप्टर जोशीमठ क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त (Helicopter Crash) हो गया। प्राथमिक जांच और स्थानीय प्रशासन से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस भयावह हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार पायलट समेत सभी 6 व्यक्तियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
हादसे का घटनाक्रम और तकनीकी कारण:
प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, हेलीकॉप्टर ने सुबह बदरीनाथ धाम से उड़ान भरी थी। उड़ान के कुछ ही मिनटों बाद जब हेलीकॉप्टर जोशीमठ क्षेत्र में चांई और थैंग गांव के ऊपर से गुजर रहा था, तभी अचानक क्षेत्र में छाए घने कोहरे, तेज बर्फबारी और दृश्यता (Visibility) शून्य होने के कारण विमान का संपर्क एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और रडार से पूरी तरह टूट गया। हवा में नियंत्रण खोने के चलते हेलीकॉप्टर जोशीमठ के निकट प्रसिद्ध ‘हाथी पहाड़’ के पीछे पहाड़ियों से टकराकर गहराई में गिर गया। जोरदार टक्कर के बाद हेलीकॉप्टर में आग लग गई और उसके परखच्चे उड़ गए।
राहत एवं बचाव कार्य:
भारतीय सेना (Indian Army) द्वारा दुर्घटना की पुष्टि किए जाने के तुरंत बाद, उत्तराखंड शासन, जिला प्रशासन चमोली, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने बेहद दुर्गम इलाके में सघन रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। खराब मौसम, तेज ठंडी हवाओं और दुर्गम पहाड़ियों के बावजूद बचाव दल दुर्घटनास्थल पर पहुंचे और मलबे से सभी छह शवों को बाहर निकाला।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया व उच्च स्तरीय जांच के आदेश:
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसे पर गहरा शोक और संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने घटनाक्रम की खुद कमान संभालते हुए जिला प्रशासन को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और राज्य उड्डयन प्राधिकरण को हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय तकनीकी जांच समिति गठित करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। चारधाम यात्रा मार्ग पर उड़ने वाले सभी कमर्शियल व निजी हेलीकॉप्टरों के सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जा रही है।
