भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 97 पैसे मजबूत, शेयर बाजार में तेजी

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा मुद्रा बाजार में उठाए गए सख्त और सुधारात्मक कदमों के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जबरदस्त बढ़त दर्ज करते हुए 97 पैसे मजबूत हुआ।

आरबीआई का कड़ा एक्शन और मुद्रा बाजार पर प्रभाव:

विदेशी मुद्रा भंडार के कुशल प्रबंधन और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा डॉलर की आक्रामक बिकवाली व तरलता नियंत्रण के उपायों के चलते भारतीय रुपये को मजबूती मिली है। वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई स्थिरता और घरेलू विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की वापसी ने भी देश की मुद्रा को संबल प्रदान किया है।

शेयर बाजार और व्यापारिक क्षेत्रों में उत्साह:

रुपये में आई इस मजबूती का सीधा असर देश के प्रमुख शेयर बाजारों में देखा गया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक ‘सेंसेक्स’ कारोबार की शुरुआत के साथ ही लगभग 300 अंकों की छलांग लगाकर हरे निशान पर कारोबार करता नजर आया। ऑटोमोबाइल, आईटी और मीडिया सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा लिवाली देखी गई।

आम जनता और अर्थव्यवस्था पर असर:

रुपये के मजबूत होने से देश के आयात बिल (Import Bill) में कमी आएगी, विशेष रूप से कच्चे तेल और इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों का आयात सस्ता होगा। इससे देश में मुद्रास्फीति (महंगाई) पर नियंत्रण पाने में सरकार और केंद्रीय बैंक को मदद मिलेगी।