उत्तराखंड पुलिस की वर्दी में होगा बड़ा बदलाव, 5 करोड़ रुपये में बैज से लेकर ध्वज तक बदलेगा स्वरूप
देवभूमि की सुरक्षा की कमान संभालने वाली उत्तराखंड पुलिस जल्द ही एक बिल्कुल नए और आधुनिक स्वरूप (New Visual Identity) में नजर आएगी। देश के 16वें राज्य के रूप में प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’ (President’s Police Colour/निशान) से अलंकृत होने के बाद, पुलिस विभाग ने अपनी प्रशासनिक पहचान, पहनावे और प्रतीकों में ऐतिहासिक बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है।
इस व्यापक कायाकल्प के तहत पुलिसकर्मियों की वर्दी पर लगने वाले इनसिग्निया, टोपी के फॉरमेशन साइन, छाती और बाजू के बैज से लेकर आधिकारिक पुलिस ध्वज (Police Flag) तक का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया पर लगभग 4 से 5 करोड़ रुपये का वित्तीय खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।
क्या-क्या बदलाव होंगे? जानिए मुख्य बिंदु
पुलिस मुख्यालय और शासन स्तर पर तैयार की गई रूपरेखा के अनुसार, पुलिस बल के पहनावे में निम्नलिखित प्रमुख परिवर्तन किए जाएंगे:
- छाती पर नया बैज (Chest Insignia): उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी की तर्ज पर अब उत्तराखंड पुलिस के जवानों और अधिकारियों की छाती पर भी एक विशिष्ट नया बैज लगाया जाएगा, जो उनकी पेशेवर पहचान को और स्पष्ट करेगा।
- टोपी का फॉरमेशन साइन: पुलिसकर्मियों द्वारा पहनी जाने वाली टोपियों पर लगने वाले मेटल फॉरमेशन साइन और कैप बैज के डिजाइन को आधुनिक रूप दिया जा रहा है।
- बाजू का मोनोग्राम: इससे पहले वर्ष 2021 में लागू किए गए बाजू (Sleeve Badge) के मोनोग्राम में भी कुछ जरूरी संशोधन किए जा रहे हैं।
- पुलिस भवनों और कार्यालयों के ध्वज: बदलाव केवल कर्मियों की वर्दी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आईपीएस अधिकारियों के कार्यालयों, थानों और सभी पुलिस भवनों पर फहराए जाने वाले आधिकारिक पुलिस ध्वज का रंग और डिजाइन भी बदला जाएगा। पुराने ध्वजों को हटाकर नए प्रतीक वाले ध्वज स्थापित किए जाएंगे।
‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’ और आगामी कार्यक्रम
उत्तराखंड पुलिस को उसकी उत्कृष्ट सेवाओं, अनुशासन और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में बेहतरीन कार्यों के लिए देश का सर्वोच्च ‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’ सम्मान प्रदान किया गया है।
राज्य स्थापना दिवस (9 नवंबर) के परिप्रेक्ष्य में, पुलिस विभाग द्वारा आगामी 6 नवंबर को एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है। इस दौरान पुलिस की नई पहचान, प्रतीक चिह्नों और नए स्वरूप से जुड़े बदलावों को अमलीजामा पहनाए जाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
4 से 5 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट और प्रशासनिक तैयारियां
इस वृहद परिवर्तन से विभाग के बजट पर लगभग 4 से 5 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा। इस बजट का उपयोग राज्यभर में तैनात हजारों पुलिसकर्मियों के लिए नए बैज, प्रतीक चिह्न, बेल्ट बक्कल और थानों/कार्यालयों के लिए नए पुलिस ध्वजों की खरीद व वितरण में किया जाएगा। इसके साथ ही, पुलिसकर्मियों को नए मानकों के अनुरूप अपनी वर्दी में बदलाव करने की आवश्यकता होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस ऐतिहासिक बदलाव से पुलिस बल का मनोबल बढ़ेगा और देवभूमि आने वाले पर्यटकों, श्रद्धालुओं तथा आम नागरिकों के सामने उत्तराखंड पुलिस एक अधिक अनुशासित, आधुनिक और निखरे हुए कलेवर में दिखाई देगी।
