उत्तराखंड में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का शुभारंभ: मुख्यमंत्री धामी ने ‘विकसित भारत 2047’ के तहत 1 महीने के कार्यक्रमों की घोषणा की
उत्तराखंड सरकार ने राज्य भर में एक महीने तक चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ की आधिकारिक शुरुआत कर दी है। यह जन-कल्याणकारी अभियान 17 सितंबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर 2026 तक पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान इस व्यापक अभियान के उद्देश्यों, कार्ययोजना और विभिन्न चरणों का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया।
अभियान के मुख्य स्तंभ और दूरदृष्टि
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सेवा संकल्प अभियान केवल सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रत्येक नागरिक को ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय संकल्प से सीधे जोड़ना है। इस अभियान का मूलमंत्र “सेवा, जनभागीदारी, संवाद और नवाचार” रखा गया है।
सरकार का मानना है कि उत्तराखंड को 21वीं सदी के तीसरे दशक में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए आम जनता की सीधी भागीदारी अनिवार्य है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य के सभी जिलों में जिला प्रभारी मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में 11 प्रमुख कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
11 प्रमुख कार्यक्रमों की रूपरेखा
अभियान के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कई जनकेंद्रित गतिविधियां संचालित होंगी:
- आशीर्वाद का दिया: राज्य भर के राशन केंद्रों, एलपीजी वितरण केंद्रों, प्रमुख धार्मिक स्थलों और गंगा तटों पर दीप प्रज्वलन एवं जन-जागरण कार्यक्रम।
- सेवा सेतु शिविर: “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” की भावना के तहत दूरस्थ गांवों में स्वास्थ्य शिविर, पेंशन योजना सहायता और बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किए जाएंगे।
- आंगन मिलन सेवा: आंगनवाड़ी केंद्रों पर माताओं, बच्चों और आशा कार्यकर्ताओं की बैठकें, जिनमें कुपोषण उन्मूलन और मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर विशेष बल दिया जाएगा।
- मेरे सपनों का भारत (चित्र सेवा): प्रदेश के सभी शैक्षणिक संस्थानों में निबंध, चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताओं के जरिए युवाओं के दृष्टिकोण को संकलित किया जाएगा।
- सर्विस फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) और भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रशासनिक और सामाजिक समस्याओं का व्यावहारिक समाधान खोजने के लिए युवाओं को आमंत्रित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री धामी ने जोर देकर कहा कि इस अभियान में युवाओं और महिलाओं की भूमिका सबसे अहम होगी, जिससे राज्य का विकास समावेशी और स्थायी बन सके।
