त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग का सख्त रुख — खुले में बिकने वाली मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखना अनिवार्यप

उत्तराखंड खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने आगामी दिवाली और त्यौहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए राज्यभर के मिठाई कारोबारियों और खाद्य विक्रेताओं के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए नियमों के तहत अब दुकानों में खुले में रखी मिठाइयों की ट्रे (Trays) पर भी उनके निर्माण की तारीख (Date of Manufacturing) और उनके खराब होने की अंतिम तिथि (Expiry Date / Best Before Date) लिखना अनिवार्य कर दिया गया है।

मिलावटखोरी और बासी मिठाइयों पर लगाम

त्यौहारों के दौरान बाजारों में मिठाइयों की खपत काफी बढ़ जाती है। अक्सर यह शिकायतें मिलती हैं कि बासी या मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचकर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जाता है। राज्य खाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देशों के अनुसार, यह कदम आम जनता की सेहत की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि अब ग्राहकों को स्पष्ट जानकारी होगी कि मिठाई कब बनी है और वह कितने दिनों तक खाने योग्य है।

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर और नैनीताल सहित विभिन्न जिलों में औचक निरीक्षण और छापेमारी अभियान शुरू कर दिया है। दुग्ध उत्पादों, मावा (खोया), पनीर और रंगीन मिठाइयों के नमूने (Samples) प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।

व्यापारियों के लिए निर्देश और प्रशासनिक चेतावनी

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन दुकानों पर ट्रे पर एक्सपायरी डेट प्रदर्शित नहीं पाई जाएगी या जहां मिलावटी सामग्री पाई जाएगी, उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ दुकान का लाइसेंस रद्द करने या सील करने की चेतावनी भी दी गई है।

व्यापारी मंडलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्तर पर भी स्वच्छता और गुणवत्ता के मानकों का पालन सुनिश्चित कराएं। उपभोक्ताओं से भी अपील की गई है कि वे खरीदारी करते समय गुणवत्ता मानकों की जांच करें और किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर खाद्य सुरक्षा विभाग के टोल-फ्री नंबर पर तुरंत सूचित करें।