देहरादून में ‘रेंट पर गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड’ का ऑनलाइन जाल! प्यार के नाम पर खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, ब्लैकमेलिंग का भी खतरा
लुभावने विज्ञापनों के पीछे छिपे हो सकते हैं साइबर ठग; रजिस्ट्रेशन फीस से लेकर निजी तस्वीरों और बैंकिंग जानकारी तक पर खतरा, उत्तराखंड STF ने किया सतर्क
देहरादून। इंटरनेट पर दोस्ती, साथ और रिश्ते का लालच देकर कहीं आपकी जेब पर डाका तो नहीं डाला जा रहा? सोशल मीडिया या वेबसाइट पर ‘रेंट ए गर्लफ्रेंड’ और ‘रेंट ए बॉयफ्रेंड’ जैसे आकर्षक ऑफर देखकर अगर आप भी इन्हें आसान ऑनलाइन सर्विस समझ रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। एक छोटी-सी चूक आपको साइबर ठगी, निजी जानकारी के दुरुपयोग और ब्लैकमेलिंग के जाल में फंसा सकती है। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने ऐसे संदिग्ध ऑनलाइन ऑफर को लेकर लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
पहले दोस्ती का वादा, फिर पैसों की मांग!
साइबर अपराधियों का तरीका अक्सर ऐसा हो सकता है कि शुरुआत में सब कुछ सामान्य और आकर्षक दिखाई दे। ऑनलाइन साथी उपलब्ध कराने का दावा किया जाता है। इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोफाइल वेरिफिकेशन, बुकिंग चार्ज या सर्विस कन्फर्म करने के नाम पर पैसे मांगे जा सकते हैं। एक बार भुगतान करने के बाद नए शुल्क की मांग होने या संपर्क टूट जाने का खतरा रहता है।
मामला केवल पैसों तक सीमित नहीं है। संदिग्ध वेबसाइट या ऐप पर मोबाइल नंबर, फोटो, पहचान से जुड़ी जानकारी और अन्य निजी विवरण साझा करना भी जोखिम भरा हो सकता है। ऐसी जानकारियों का दुरुपयोग करके पीड़ित को डराने, बदनाम करने या ब्लैकमेल करने की कोशिश की जा सकती है।
आकर्षक ऑफर के पीछे छिपा हो सकता है बड़ा खेल
उत्तराखंड STF के एसएसपी अजय सिंह ने लोगों को साइबर अपराधियों के ऐसे हथकंडों के प्रति सावधान रहने की अपील की है। इंटरनेट पर दिखने वाला हर विज्ञापन या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भरोसेमंद नहीं होता। ठग लोगों की जिज्ञासा, भावनाओं और जल्दी फैसला लेने की प्रवृत्ति का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं।
इसलिए किसी भी अनजान वेबसाइट या ऐप पर बिना जांच-पड़ताल भरोसा न करें। किसी व्यक्ति के कहने पर पैसे ट्रांसफर करने, ओटीपी बताने या बैंक खाते से जुड़ी जानकारी साझा करने से बचें। यदि कोई ऑनलाइन संपर्क निजी तस्वीरों या जानकारियों के आधार पर धमकाने लगे, तो घबराकर उसकी मांग पूरी करने के बजाय सबूत सुरक्षित रखें और पुलिस से संपर्क करें।
इन 5 गलतियों से बचें, वरना पड़ सकता है पछताना
1. बिना जांच किए भुगतान न करें: रजिस्ट्रेशन, बुकिंग या सर्विस एक्टिवेशन के नाम पर मांगे गए पैसों को लेकर सतर्क रहें।
2. निजी जानकारी साझा न करें: अनजान प्लेटफॉर्म पर पहचान पत्र, बैंकिंग विवरण, ओटीपी या निजी तस्वीरें अपलोड करने से बचें।
3. संदिग्ध लिंक से दूर रहें: सोशल मीडिया पर आए अनजान लिंक, आकर्षक ऑफर और जल्द भुगतान करने के दबाव में न आएं।
4. एक के बाद एक भुगतान न करें: यदि भुगतान के बाद अतिरिक्त शुल्क मांगा जा रहा है, तो रुकें और पूरे मामले की जांच करें।
5. ब्लैकमेलिंग से न घबराएं: धमकी मिलने पर चैट, स्क्रीनशॉट, भुगतान रसीद और संबंधित नंबर जैसे सबूत सुरक्षित रखें। शिकायत करने में देरी न करें।
ठगी हो जाए तो तुरंत क्या करें?
यदि आप ऐसे किसी ऑनलाइन ऑफर के जरिए साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं, तो जल्द से जल्द 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। भुगतान से संबंधित संदेश, ट्रांजैक्शन आईडी, चैट और वेबसाइट की जानकारी सुरक्षित रखना शिकायत में मददगार हो सकता है।
नवरात्र में STF का साइबर सुरक्षा अभियान, नौ दिनों में नौ सीख
ऑनलाइन ठगी से बचाव के लिए उत्तराखंड STF नवरात्र के दौरान ‘साइबर जागरूकता 2.0’ अभियान के तहत डिजिटल सुरक्षा के संदेश भी दे रही है। मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के संदेशों को साइबर सुरक्षा से जोड़कर लोगों को जागरूक करने की पहल की गई है।
अभियान के पहले दिन मां शैलपुत्री के संदेश के माध्यम से मजबूत पासवर्ड का महत्व बताया गया। STF ने सलाह दी कि पासवर्ड लंबा, अनोखा और अनुमान लगाना मुश्किल होना चाहिए। नाम, जन्मतिथि या आसानी से पता चलने वाली जानकारी को पासवर्ड बनाने से बचें। अलग-अलग ऑनलाइन खातों के लिए अलग पासवर्ड रखें और उन्हें किसी के साथ साझा न करें।
दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी के तप, संयम और अनुशासन के संदेश के जरिए लोगों को ऑनलाइन सतर्कता की सीख दी गई। अनजान लिंक पर जल्दबाजी में क्लिक करने, लॉटरी या भारी छूट के लालच में आने और कम समय में अधिक कमाई के दावों पर भरोसा करने से बचने की सलाह दी गई।
STF के अनुसार, साइबर अपराधी कभी लालच देकर तो कभी डर पैदा करके लोगों से गलतियां करवाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में किसी भी ऑनलाइन ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता जांचना और सोच-समझकर कदम उठाना जरूरी है। अभियान के अगले चरणों में भी डिजिटल सुरक्षा से जुड़े उपायों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा।
याद रखें: ऑनलाइन दुनिया में आकर्षक ऑफर देखकर तुरंत भरोसा करना समझदारी नहीं है। अपनी निजी जानकारी, पैसा और डिजिटल पहचान सुरक्षित रखना ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे मजबूत कदम है।
