उत्तराखंड में उच्च पर्वतीय इलाकों में मौसम का बदला मिजाज, मौसम विभाग ने जारी किया ओलावृष्टि व आंधी का अलर्ट
राज्य में मौसम के मिजाज में अचानक आए बदलाव ने पर्वतीय जिलों से लेकर मैदानी इलाकों तक तापमान में भारी गिरावट दर्ज की है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), देहादून केंद्र ने उत्तराखंड के जनपदों के लिए ओलावृष्टि, तेज आंधी और बेमौसम मूसलाधार बारिश का येलो/ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) और जिला प्रशासनों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम परिवर्तन और मैदानी-पर्वतीय क्षेत्रों का हाल:
अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े की शुरुआत के साथ ही राज्य में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण सुबह के समय हल्की धूप खिलने के बाद दोपहर होते-होते बादलों का डेरा जमा हो रहा है। चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा जैसे सीमांत और उच्च पर्वतीय जनपदों में तेज ठंडी हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई है। राजधानी देहरादून, हरिद्वार और हल्द्वानी समेत मैदानी भागों में भी ठंडी हवाएं चलने से तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी देखी जा रही है।
कृषि और बागवानी पर असर:
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से सबसे बड़ा खतरा पर्वतीय और निचले क्षेत्रों में खड़ी फसलों को पहुंचा है। धान की कटाई का समय होने और सब-ट्रॉपिकल फलों जैसे माल्टा, संतरा व सेब की तुड़ाई का समय होने के कारण किसानों और बागवानों में गहरी चिंता है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को सलाह दी है कि कटी हुई फसल को खुले में न छोड़ें और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं।
प्रशासन की तैयारियां और एडवाइजरी:
राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों (DDMA) को अलर्ट मोड पर रहने के आदेश जारी किए हैं। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय पुलिस बल को सतर्क कर दिया गया है। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर जेसीबी मशीनों और आपातकालीन राहत दस्तों को तैनात रखा गया है ताकि राजमार्गों के अवरुद्ध होने पर उन्हें तत्काल खोला जा सके।
भविष्य का अनुमान:
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आगामी 48 से 72 घंटों तक मौसम इसी प्रकार का बना रह सकता है, जिसके बाद धीरे-धीरे आसमान साफ होगा और राज्य भर में कड़ाके की ठंड की शुरुआत हो जाएगी।
