देहरादून में दो किशोरों के साथ 6 महीने तक यौन शोषण का आरोप, आरोपी गिरफ्तार; गुस्साए लोगों ने मुंह पर कालिख पोतकर बाजार में घुमाया

मोथरोवाला में छह महीने तक शोषण किए जाने का आरोप, तबीयत बिगड़ने पर बच्चों ने खोला राज; पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

देहरादून। राजधानी देहरादून के मोथरोवाला इलाके में दो नाबालिग भाइयों के साथ कथित यौन शोषण का मामला सामने आने के बाद हंगामा खड़ा हो गया। परिजनों की शिकायत के अनुसार, आरोपी पिछले करीब छह महीने से दोनों किशोरों का यौन शोषण कर रहा था। आरोप है कि वह बच्चों को डराता-धमकाता था, ताकि वे इस बारे में किसी को कुछ न बताएं। मामला उजागर होने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई। शुक्रवार को लोगों ने कथित आरोपी को पकड़ लिया और उसके चेहरे पर कालिख पोतकर बाजार से होते हुए पुलिस चौकी तक ले गए। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

बच्चों की तबीयत बिगड़ी तो सामने आई पूरी घटना

इस मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब दोनों किशोरों की तबीयत खराब हुई। परिजनों के मुताबिक, बच्चों ने इसके बाद अपने साथ हुई घटनाओं की जानकारी दी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपी लंबे समय से उनका यौन शोषण कर रहा था। यह भी दावा किया गया है कि वह बच्चों को नशीला पदार्थ देता था और कथित घटनाओं के वीडियो बनाता था।

परिजनों ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने बच्चों को घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की। अब जांच के दौरान बच्चों के बयान, उपलब्ध साक्ष्य और शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों की पड़ताल की जाएगी।

मोथरोवाला से दून चौकी तक निकाला जुलूस

शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे मोथरोवाला रोड पर उस समय लोगों की भीड़ जमा हो गई, जब कुछ लोग एक व्यक्ति को पकड़कर दून यूनिवर्सिटी की दिशा में ले जाते दिखाई दिए। प्रत्यक्ष घटनाक्रम के उपलब्ध विवरण के अनुसार, व्यक्ति के शरीर पर कमीज नहीं थी, चेहरे पर कालिख लगी थी और उसके गले में बाइक का टायर डाला गया था।

बताया गया कि भंडारी चौक के पास भीड़ उसे एक पेट्रोल पंप तक ले गई, जहां से काला पेंट लेकर उसके चेहरे पर दोबारा लगाया गया। इसके बाद लोग उसे करीब 500 मीटर दूर दून चौकी लेकर पहुंचे और पुलिस के हवाले कर दिया।

इस दौरान इलाके में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। स्थानीय लोगों ने घटना को लेकर नाराजगी जताई और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। करीब एक घंटे बाद पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया।

शिकायत के आधार पर आरोपी गिरफ्तार

नेहरू कॉलोनी थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष देवेंद्र चौहान के अनुसार, दोनों किशोरों के परिजनों की ओर से शिकायत दी गई थी। शिकायत में बताया गया कि दोनों बच्चे सगे भाई हैं। आरोपी की पहचान जितेंद्र सिंह, पुत्र महेंद्र सिंह, निवासी अफजलगढ़, जिला बिजनौर के रूप में बताई गई है। पुलिस के अनुसार, वह विधानसभा की कैंटीन में काम करता था।

शिकायत में यौन शोषण के अलावा धमकी देने, नशीला पदार्थ देने और वीडियो बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

जांच में जुटी पुलिस, साक्ष्यों की पड़ताल जरूरी

मामले में पुलिस के सामने अब शिकायत में बताए गए घटनाक्रम की पुष्टि करना अहम होगा। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि कथित घटनाएं कब हुईं, आरोपों से संबंधित कौन-कौन से साक्ष्य उपलब्ध हैं और क्या अन्य तथ्यों की भी जांच की आवश्यकता है।

घटना ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों की बात ध्यान से सुनना, उनके व्यवहार या स्वास्थ्य में असामान्य बदलाव को गंभीरता से लेना और जरूरत पड़ने पर समय रहते पुलिस या बाल संरक्षण एजेंसियों से संपर्क करना महत्वपूर्ण है।

फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है। बच्चों की निजता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनकी पहचान उजागर करने वाले किसी भी विवरण को सार्वजनिक करने से बचना जरूरी है।