बिजली कनेक्शन लेने वालों के लिए बड़ी राहत, 300 मीटर तक शुल्क पहले से तय
देहरादून: उत्तराखंड में नया बिजली कनेक्शन लेने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब कनेक्शन के लिए बार-बार बिजली दफ्तरों के चक्कर लगाने और अधिकारियों से व्यक्तिगत एस्टीमेट बनवाने की परेशानी कम होने जा रही है। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने नए बिजली कनेक्शनों की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है।
नई व्यवस्था 1 नवंबर से पूरे प्रदेश में लागू होगी। इसके तहत 150 किलोवाट तक के नए बिजली कनेक्शन के लिए बार-बार साइट इंस्पेक्शन की जरूरत नहीं होगी, जबकि कनेक्शन की दरें पहले से तय रहेंगी।
आयोग के निदेशक तकनीकी यश डिमरी के मुताबिक, केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के Electricity Rights of Consumers Rules को उत्तराखंड में लागू किया गया है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को आसान और पारदर्शी तरीके से बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराना है।
40 मीटर का नियम बदला, 300 मीटर तक शुल्क पहले से तय
नई व्यवस्था में बिजली के खंभे से परिसर की दूरी को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है। पहले 40 मीटर तक की दूरी का नियम लागू था, जिसे अब बदल दिया गया है।
अगर आपका परिसर बिजली लाइन से 300 मीटर तक की दूरी पर है, तो कनेक्शन का शुल्क पहले से निर्धारित होगा और आवेदन के समय ही संबंधित राशि जमा की जा सकेगी।
वहीं, अगर बिजली लाइन की दूरी 300 मीटर से ज्यादा है, तो आवेदन के साथ 300 मीटर तक का शुल्क जमा करना होगा। इसके बाद की अतिरिक्त दूरी के लिए बिजली विभाग को 15 दिन के भीतर निर्धारित स्लैब के अनुसार अतिरिक्त शुल्क की जानकारी देनी होगी।
यानी अब नए बिजली कनेक्शन के लिए अनिश्चित शुल्क, बार-बार निरीक्षण और दफ्तरों के चक्कर लगाने की परेशानी कम होगी। यह व्यवस्था प्रदेश के उपभोक्ताओं के लिए बिजली कनेक्शन प्रक्रिया को ज्यादा सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
