दिल्ली-दून हाईवे पर रफ्तार का कहर! चेकपोस्ट के पास बेकाबू ट्रक ने पुलिस की गाड़ी को मारी जोरदार टक्कर
देहरादून। दिल्ली-दून हाईवे पर सोमवार रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। चेकपोस्ट के पास तेज रफ्तार से आ रहा एक ट्रक अचानक बेकाबू हो गया और सामने मौजूद पुलिस की गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
बताया जा रहा है कि ट्रक की चपेट में आई पुलिस की गाड़ी आईआरबी यानी इंडिया रिजर्व बटालियन की थी। हादसे के बाद आसपास मौजूद पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। दुर्घटना के कारण हाईवे पर कुछ समय के लिए लोगों की आवाजाही और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई।
तेज रफ्तार ट्रक ने बढ़ाई चिंता
हादसे की शुरुआती जानकारी के मुताबिक ट्रक की रफ्तार काफी तेज थी। चेकपोस्ट के नजदीक पहुंचने के दौरान ट्रक चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया और पुलिस वाहन से जा टकराया। टक्कर के बाद हाईवे पर मौजूद लोगों में भी हड़कंप मच गया।
इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली-दून हाईवे पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर रात के समय इस मार्ग पर बड़ी संख्या में ट्रक और दूसरे भारी वाहन गुजरते हैं। ऐसे में तेज गति से चलने वाले वाहनों के कारण हादसे का खतरा लगातार बना रहता है।
रंबल स्ट्रिप भी नहीं रोक पा रही तेज रफ्तार
हादसों को रोकने और वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए हाईवे के इस हिस्से में रंबल स्ट्रिप लगाई गई हैं। इनका उद्देश्य वाहन चालकों को चेकपोस्ट और संवेदनशील स्थानों के पास धीमा करने के लिए सतर्क करना है। बावजूद इसके, स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय कई भारी वाहन तेज रफ्तार से निकलते हैं।
लोगों के मुताबिक, अगर समय रहते वाहनों की स्पीड पर प्रभावी नियंत्रण नहीं लगाया गया तो भविष्य में इससे भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है। खासतौर पर चेकपोस्ट के आसपास पुलिस और सुरक्षा बलों के वाहन मौजूद रहते हैं, ऐसे में तेज रफ्तार भारी वाहनों का गुजरना जोखिम को और बढ़ा देता है।
पुलिस ने शुरू की जांच
फिलहाल पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि दुर्घटना के वक्त ट्रक की गति कितनी थी और चालक वाहन पर नियंत्रण क्यों नहीं रख पाया। हादसे में किसी के घायल नहीं होने से पुलिस और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।
हालांकि इस घटना ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है—अगर तेज रफ्तार ट्रक पुलिस की गाड़ी को टक्कर मार सकता है, तो रात के समय हाईवे पर गुजर रहे आम वाहन कितने सुरक्षित हैं?
अब निगाहें पुलिस की जांच और हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ उठाए जाने वाले अगले कदमों पर हैं।
