उत्तराखंड में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन; एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के बाद 8 लाख से अधिक नाम हटे
उत्तराखंड निर्वाचन आयोग ने राज्य की बहुप्रतीक्षित एवं संशोधित अंतिम मतदाता सूची (Final Electoral Roll) आधिकारिक रूप से जारी कर दी है। विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान के संपन्न होने के बाद राज्य के कुल पंजीकृत मतदाताओं की संख्या में भारी फेरबदल देखने को मिला है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस प्रक्रिया के दौरान लगभग 8 से 9 लाख अयोग्य नामों को सूची से हटाया गया है।
मतदाता सूची के अद्यतन आंकड़े और प्रशासनिक प्रक्रिया
निर्वाचन आयोग के अनुसार, उत्तराखंड में अब कुल पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 71.59 लाख रह गई है। जब जून में एसआईआर अभियान की शुरुआत हुई थी, तब राज्य में कुल 79.60 लाख पंजीकृत मतदाता दर्ज थे।
- कुल मतदाता: 71,59,000
- महिला मतदाता: 34,21,036
- पुरुष मतदाता: 37,37,701
- तृतीय लिंग (Third Gender) मतदाता: 212
- नए जोड़े गए युवा मतदाता (18-19 आयु वर्ग): 72,656
- वरिष्ठ नागरिक (80 वर्ष से अधिक): 1,22,892
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि ड्राफ्ट रोल (14 जुलाई) के प्रकाशन के बाद प्राप्त दावों और आपत्तियों के निस्तारण के दौरान 1,04,708 नाम हटाए गए और 1.29 लाख नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े गए। इस पूरी प्रक्रिया में दोहरे पंजीकृत नामों, स्थायी रूप से स्थानांतरित (Shifted) हो चुके लोगों और मृत व्यक्तियों के रिकॉर्ड को हटाकर सूची को त्रुटिरहित बनाया गया है। पूरे राज्य में कुल 12,543 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और प्रभाव
मतदाता सूची के इस बड़े शुद्धिकरण से राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। मुख्य निर्वाचन कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई पूरी तरह निष्पक्ष और डिजिटल सत्यापन के आधार पर की गई है। मैदानी जिलों जैसे देहरादून, हरिद्वार और उधम सिंह नगर में मतदाताओं के स्थानांतरण का सबसे अधिक प्रभाव देखा गया है। आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए अब यही अंतिम मतदाता सूची आधार बनेगी।
