देहरादून समेत पूरे प्रदेश में नया खनन सत्र 1 अक्टूबर से शुरू, अवैध खनन रोकने के लिए 24 घंटे टास्क फोर्स तैनात
मानसून सीजन की समाप्ति के साथ ही उत्तराखंड में 1 अक्टूबर 2026 से नए खनन सत्र (2026-27) की आधिकारिक शुरुआत कर दी गई है। राज्य सरकार और जिला प्रशासनों ने खनन गतिविधियों को पारदर्शी और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
देहरादून के जिलाधिकारी आशीष चौहान ने सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उच्च न्यायालय और राज्य सरकार द्वारा निर्धारित खनन नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए। अवैध खनन पर लगाम कसने के लिए उप-जिलाधिकारियों (SDM) की देखरेख में टास्क फोर्स चौबीसों घंटे सक्रिय रहेगी। खनन क्षेत्रों में निगरानी के लिए सीसीटीवी (CCTV) कैमरे अनिवार्य कर दिए गए हैं, और वाहनों की फिटनेस व चालकों के सत्यापन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
आपदा के दृष्टिकोण से संवेदनशील नदियों में गाद (silt) हटाने और उनके प्रवाह को सही दिशा देने (Channelisation) के लिए एसडीएम स्तर पर सर्वे शुरू करने के आदेश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक स्टोन क्रशर संचालक को परिसर व आसपास कम से कम 1,000 पौधे लगाने का अनिवार्य लक्ष्य दिया गया है।
सामाजिक व आर्थिक प्रभाव:
खनन सत्र शुरू होने से राज्य में निर्माण सामग्री (रैता, बजरी, बोल्डर) की उपलब्धता सुगम होगी, जिससे निर्माण क्षेत्र की गतिविधियों को गति मिलेगी। साथ ही, हजारों स्थानीय मजदूरों व वाहन चालकों को रोजगार मिलेगा और राज्य कोष में राजस्व की बढ़ोतरी होगी।
