उत्तराखंड और छह राज्यों के बीच ‘किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना’ पर ऐतिहासिक समझौता

टोंस नदी (यमुना की प्रमुख सहायक नदी) पर बनने वाली बहुप्रतीक्षित किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना (Kishau Project) को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक और कूटनीतिक कदम उठाया गया है। उत्तराखंड सहित कुल छह राज्यों—उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा—के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के समझौता ज्ञापन (MoA) पर हस्ताक्षर किए हैं।

टोंस नदी की सीमा पर स्थित इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य उत्तर भारत के इन राज्यों में पीने के पानी की किल्लत को दूर करना और बड़े पैमाने पर जलविद्युत (Hydroelectric Power) का उत्पादन करना है। इस परियोजना की कुल लागत का 90 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा, जिससे राज्य पर वित्तीय बोझ कम पड़ेगा। पर्यावरण और तकनीकी सभी स्वीकृतियों को पूरा करते हुए इस परियोजना के तेजी से निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इससे न केवल उत्तराखंड की जल विद्युत क्षमता में इजाफा होगा, बल्कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र समेत पड़ोसी राज्यों को जलापूर्ति का एक स्थायी विकल्प भी मिलेगा।